आज हम  Mp Gk में मध्य प्रदेश की प्रमुख नदियां ( mp ki nadiya ) के बारे में पढ़ेंगे |

Mp ki nadiya
Madhya Pradesh Ki Pramukh Nadiya 

पूरे भारत में सबसे अधिक नदियां मध्यप्रदेश में प्रवाहित होती है मध्य प्रदेश में कुल 207 नदियां (लगभग) प्रवाहित होती है इसलिए मध्य प्रदेश को नदियों का मायका भी कहा जाता है | इस वीडियो में हम केवल मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियां ( madhya pradesh ki pramukh nadiya ) के बारे में पड़ेंगे जहां से एग्जाम में बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं | मध्य प्रदेश की 4 बड़ी नदियां क्रमश : नर्मदा, चंबल, सोन, ताप्ती है | तो अब हम शुरू करते हैं मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियों ( mp ki pramukh nadiya ) के बारे में

मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियां - Madhya Pradesh Ki Pramukh Nadiya 

नर्मदा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु

नर्मदा नदी की कुल लंबाई 1312 किलोमीटर है जिसमें सिसकी मध्य प्रदेश में लंबाई 1077 किलोमीटर है | इससे मध्य प्रदेश की जीवन रेखा कहा जाता है क्योंकि यह मध्य प्रदेश की सबसेे बड़ी नदी है |

 नर्मदा संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है खुशी की दाता

 यह मध्य प्रदेश के 15 जिलों से होकर गुजरती है
नर्मदा नदी का उद्गम अमरकंटक अनूपपुर से होता है और इसका समापन गुजरात में खंभात की खाड़ी अरब सागर में होता है | यह नदी पूर्व से पश्चिम की ओर बहती है तथा डेल्टा का निर्मााण नहीं करती बल्कि यह एक एश्चचुरी का निर्माण करती है | यह तीन राज्यो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात में बहते हुए अरब सागर में खंभात की खाड़ी में समाहित हो जाती है

नर्मदा नदी की सहायक नदियों की बात की जाए तो प्रमुख है हिरण , शक्कर ,तवा ,बनास आदि |

 इसको रेवा, मेकलसुता और सौमोदेवी, के नाम से जाना जाता है टॉलमी ने नर्मदा नदी को नामोदास कहां है

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी नदी है वहीं भारत की दृष्टि से बात की जाए तो नर्मदा नदी भारत की पांचवी सबसे बड़ी नदी है
नर्मदा नदी भारत के उत्तरी तथा दक्षिणी भागों के बीच विभाजक रेखा का काम करती है यह नदी डेल्टा नहीं बनाती है
नर्मदा नदी के ऊपर बने प्रमुख जलप्रपात धुआंधार जलप्रपात जो कि जबलपुर में है  , दुग्ध धारा जलप्रपात और कपिलधारा जलप्रपात अनूपपुर में है , मंधार जलप्रपात हंडिया बड़वाह के मध्य है , सहस्त्रधारा जलप्रपात महेश्वर , और दर्दी जलप्रपात हड्डियां बड़वाह के बीच में है |

 नर्मदा नदी पर निर्मित बांध - इंदिरा सरोवर ( खंडवा ), सरदार सरोवर (नवेगाव, गुजरात), महेश्वर परियोजना (महेश्वर) बरगी परियोजना ( बरगी, जबलपुर), ओमकरेश्वर परियोजना।

 नर्मदा नदी के तटीय शहर - अमरकंटक, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, निमाड, मंडला, ओमकारेश्वर, महेश्वर,बडवानी, झाबुआ, धार, बड़वानी, सांडिया इत्यादि।

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 चंबल नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
 यह मध्य प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी नदी है जिसकी लंबाई 965 किलोमीटर है इसका उद्गम महू इंदौर के निकट जानापाव पहाड़ी से होता है और इसका समापन इटावा उत्तर प्रदेश में यमुना नदी में होता है |   

यह मध्यप्रदेश तथा राजस्थान की सीमा बनाती हुई उप्र में प्रवेश करती है। यह मप्र मे दो बार प्रवेश करती है।
इसकी प्रमुख सहायक नदियां कालीसिंध , पार्वती , बनास है
चंबल नदी का प्राचीन नाम चर्मावती है  |
चंबल नदी अपने किनारे पर बड़े-बड़े खंड निर्मित करती है जो डाकुओं के लिए आश्रय स्थली का काम करते हैं |
चंबल नदी उत्तर की ओर बहने वाली नदी है  |
मेघदूत में कालिदास ने चर्मावती का उल्लेख किया है |

चंबल नदी पर निर्मित बांध - गांधी सागर बांध (मंदसौर ), राणा प्रताप सागर बांध ( चित्तौड़गढ़ राजस्थान ), जवाहर सागर बांध ( कोटा, राजस्थान )

सोन नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
सोन नदी इसकी लंबाई 780 किलोमीटर है इसका उद्गम अमरकंटक अनूपपुर से होता है और समापन बिहार के दीनापुर पहाड़ी पटना के पास गंगा में होता है
सोन नदी को स्वर्ण नदी कहा जाता है इसकी सहायक नदी जोहिला है

 सोन नदी पर बाणसागर परियोजना निर्मित है जो शहडोल जिले के देवलोन पर स्थित है।

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ताप्ती नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
ताप्ती नदी इसकी लंबाई 724 किलोमीटर है इसका उद्गम बैतूल जिले के मुलताई से होता है और समापन खंभात की खाड़ी अरब सागर मैं होता है |
  ताप्ती नदी पूर्व से पश्चिम की ओर नर्मदा नदी केेे समांतर बहती है और डेल्टा का निर्माण नही करती बल्कि एश््चुरी का निर्माण करती है | इसकी सहायक नदियाँ पूर्णा, शिवा तथा बोरी है।


बेतवा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
बेतवा नदी की लंबाई 480 किलोमीटर है इसका उद्गम कुमरा गांव रायसेन से होता है और इसका समापन हमीरपुर में यमुना नदी में होता है | इस नदी का पौराणिक नाम ब्रेतवती है।
इसकी सहायक नदियों की बात की जाए तो उनके नाम है बीना , धसान, सिंध
 बेतवा नदी मध्य प्रदेश की 5 बड़ी नदी है
बेतवा नदी को मध्यप्रदेश की गंगा कहा जाता है
बेतवा नदी बुंदेलखंड की जीवन रेखा भी है
महाकवि केशव दास ने अपनी रचना रसिकप्रिया में बेतवा नदी की महिमा का गुणगान किया है
बेतवा नदी के किनारे बसे प्रमुख नगर जिनके नाम हैं विदिशा , सांची ,  ओरछा , गुना

 बेतवा नदी पर राजघाट बांध तथा माताटीला बांध बने हुए है जिसमें मप्र एवं उप्र की संयुक्त सिचाई परियोजना है।

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तवा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
तवा नदी की लंबाई 172 किलोमीटर है इसका उद्गम पचमढ़ी महादेव पर्वत से होता है तथा इसका समापन नर्मदा नदी में होता है
इसकी सहायक नदियों की बात की जाए तो प्रमुख हैं देनवा , मालिनी , कालीभीत
मध्य प्रदेश का सबसे लंबा बांध तवा नदी पर बना हुआ है जो कि होशंगाबाद के निकट है तवा बांध की कुल लंबाई 1322 मीटर है
तवा नदी के किनारे पचमढ़ी बसा हुआ है

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क्षिप्रा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु 

क्षिप्रा नदी की लंबाई 195 किलोमीटर है इसका उद्गम काकरी बरडी पहाड़ी इंदौर से होता है  और  समापन चंबल नदी में होता है
इसकी प्रमुख सहायक नदी है खान नदी है और इस नदी के किनारे उज्जैन में प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर स्थित है।
क्षिप्रा नदी को मालवा की गंगा कहा जाता है
उज्जैन क्षिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है

वैनगंगा से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
वैनगंगा नदी गंगा की लंबाई 570 किलोमीटर है इसका उद्गम पारस बड़ा पठार सिवनी से होता है और समापन वर्धा नदी में होता है
वैनगंगा की प्रमुख सहायक नदी की बात की जाए तो उनके नाम है कानन पैच बाघ
वर्धा तथा वैनगंगा का संगम स्थल प्राणहिता के नाम से जाना जाता है
वैनगंगा दक्षिण की ओर बहने वाली नदी है
बालाघाट वैनगंगा नदी के किनारे बसा हुआ है

केन नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु 

केन नदी की लंबाई 292 किलोमीटर है और इसका उद्गम विंध्यांचल पर्वत से होता है और समापन यमुना नदी में होता है |
केन नदी का प्राचीन नाम दिर्णावती भी है |

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सिंध नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु  

सिंध नदी का उद्गम सिरोंज गुना से होता है और समापन उत्तर प्रदेश में चंबल नदी में होता है |
सिंध नदी के किनारे बसे नगर हैं शिवपुरी और दतिया |

कालीसिंध नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
कालीसिंध का उद्गम बागली गांव देवास से होता है और समापन राजस्थान में चंबल नदी में होता है  |
काली सिंध नदी की लंबाई 150 किलोमीटर है |
काली सिंध नदी के किनारे बसे प्रमुख नगर हैं बागली , देवास, सोनकच्छ |

टोंस नदी या तमसा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु  

इसकी लंबाई 320 किलोमीटर है  |
इसका उद्गम कैमूर पहाड़ी सतना से होता है और समापन गंगा नदी में होता है |

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छोटी तवा नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु  

इसका उद्गम बैतूल से होता है और समापन आवना खंडवा में होता है

कुंवारी नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
➤इसका उद्गम शिवपुरी पठार से होता है और समापन चंबल नदी में होता है

पार्वती नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु 

➤इसका उद्गम और समापन चंबल नदी में होता है

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धँसान नदी से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु
➤धँसान नदी जिसकी लंबाई 240 किलोमीटर है
➤इसका उद्गम रायसेन से होता है और समापन बेतवा नदी में होता है  |

दोस्तों आपको यह आर्टिकल मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियां ( mp ki nadiya ) कैसा लगा आप हमें कमेंट करके बताये  यदि आपको एमपी जीके से संबंधित अन्य जानकारी चाहिए तो वह भी आपको यहां पर मिल जाएगी